

चंपावत। लोहाघाट की पंचायतों में कथित मनमानी और कमीशनखोरी के आरोपों को लेकर शुक्रवार को विकास भवन में जमकर हंगामा हुआ। विधायक खुशाल सिंह अधिकारी पंचायत प्रतिनिधियों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ सीडीओ कार्यालय पहुंचे और डीपीआरओ, सीडीओ, पीडी व एपीडी के सामने विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
विधायक ने संबंधित जेई पर पंचायत प्रतिनिधियों के उत्पीड़न और कथित कमीशन मांगने के आरोप लगाते हुए उसे तत्काल हटाने की मांग की। उन्होंने कहा कि पाटी ब्लॉक में करीब 85 ग्राम प्रधानों के बीच एक ही जेई की तैनाती है और लंबे समय से जनप्रतिनिधि उसकी कार्यशैली से परेशान हैं। शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर विधायक धरने पर बैठ गए।
करीब ढाई घंटे चले धरने के बाद डीपीआरओ ने जेई को हटाने के संबंध में लिखित पत्र विधायक को सौंपा, जिसके बाद धरना समाप्त हुआ। हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जेई की नियुक्ति पंचायती राज निदेशालय के माध्यम से उपनल से हुई है और उसे हटाने का अधिकार जिला स्तर पर नहीं है।
सीडीओ डॉ. जीएस खाती ने कहा कि विधायक के आरोपों की जांच के लिए विशेष समिति गठित की जाएगी। उन्होंने कहा कि अब तक किसी ग्राम प्रधान या पंचायत प्रतिनिधि की ओर से लिखित शिकायत नहीं मिली थी। शिकायत मिलती तो पहले ही जांच कराई जा सकती थी।
धरने में प्रकाश मेहरा, अमर सिंह कोटियाल, अजय बिष्ट, पुष्कर सामंत, ललित वर्मा, भवन बोरा और अजय गोरखा समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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आरोपों से आहत एपीडी, कार्यालय से चली गईं
उप परियोजना निदेशक विम्मी जोशी ने अपने ऊपर लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि उनकी कार्यशैली और ईमानदारी पर सवाल उठाना उचित नहीं है। घटनाक्रम से आहत होकर वह बाद में कार्यालय से चली गईं।
फोटो_चंपावत विकास भवन में जेई के मुद्दे को लेकर सीडीओ से वार्ता करते विधायक खुशाल सिंह अधिकारी।



