

फोटो- उपजिला चिकित्सालय टनकपुर की बदलती जा रही तस्वीर।
चम्पावत। सीमांत जनपद चम्पावत की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में “आदर्श चम्पावत” की परिकल्पना को गति देते हुए जनपद को अत्याधुनिक एमआरआई मशीन के बाद अब चार विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती की सौगात मिली है। इससे मरीजों को बेहतर और विशेषज्ञ उपचार के लिए अब दूसरे जिलों का रुख कम करना पड़ेगा।
उत्तराखंड शासन के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा जारी स्थानांतरण आदेश के तहत जनपद में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. निशा रानी, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सुधीर कुमार कन्याल, आईसीयू सेवाओं के लिए डॉ. विजय कुमार गुप्ता तथा एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. यदुराज भट्ट की तैनाती की गई है। इन विशेषज्ञों के आने से विशेष रूप से टनकपुर उप जिला चिकित्सालय की चिकित्सा सेवाएं पहले से अधिक सशक्त होंगी।
इससे पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 29 जून को चम्पावत में अत्याधुनिक एमआरआई मशीन का लोकार्पण किया था। अब गंभीर बीमारियों की जांच जनपद में ही संभव होगी, जिससे मरीजों का समय और आर्थिक बोझ दोनों कम होंगे।
मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय टनकपुर के नोडल अधिकारी केदार सिंह बृजवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में चम्पावत को आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सीमांत क्षेत्र होने के कारण टनकपुर अस्पताल में नेपाल से भी बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती और आधुनिक सुविधाओं का विस्तार स्थानीय लोगों के साथ-साथ सीमा पार से आने वाले मरीजों के लिए भी लाभकारी साबित होगा।
उन्होंने बताया कि अस्पताल में पहले ही दो डायलिसिस मशीनें स्थापित की जा चुकी हैं, जिससे किडनी रोगियों को स्थानीय स्तर पर ही उपचार मिल रहा है। आने वाले समय में अस्पताल में और भी आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं विकसित की जाएंगी, ताकि टनकपुर उप जिला चिकित्सालय सीमांत क्षेत्र का प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र बन सके।


