

लोहाघाट। कहते हैं “मारने वाले से बड़ा बचाने वाला होता है” और यूं ही नहीं डॉक्टरों को भगवान का दूसरा रूप कहा जाता। चम्पावत जिले के लोहाघाट में यह कहावत उस समय साकार होती नजर आई, जब एक डॉक्टर की सटीक पहचान और समय पर फैसले ने एक मासूम की जिंदगी बचा ली। पाटी विकासखंड के दूरस्थ ग्राम पंचायत चौड़ासौन निवासी राजेश दानी का बेटा लंबे समय से असहनीय पेट दर्द से जूझ रहा था। परिजन उसे कई अस्पतालों में ले गए, कई जांचें हुईं, लेकिन बीमारी का असली कारण किसी के हाथ नहीं लगा। हर दिन बढ़ती तकलीफ ने परिवार की चिंता को और गहरा कर दिया।
इसी बीच उपजिला अस्पताल लोहाघाट में रेडियोलॉजिस्ट डॉ. सोनाली ने अल्ट्रासाउंड के जरिए वो सच्चाई सामने ला दी, जो अब तक छुपी हुई थी बच्चे की आंतें आपस में उलझ चुकी थीं। यह एक गंभीर स्थिति थी, जिसमें जरा सी देरी जानलेवा साबित हो सकती थी। डॉ. सोनाली की सटीक जांच और तुरंत सलाह के बाद परिजन बच्चे को हल्द्वानी ले गए, जहां समय रहते ऑपरेशन हुआ और आज बच्चा पूरी तरह स्वस्थ है।
बेटे को नई जिंदगी मिलते ही परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। भावुक होकर परिजनों ने लोहाघाट पहुंचकर डॉ. सोनाली का सम्मान किया और उन्हें भगवान का रूप बताया। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि जब कर्तव्य, अनुभव और संवेदनशीलता एक साथ आते हैं, तो डॉक्टर सच में जीवनदाता बन जाते हैं।


