
चंपावत। अब किसी भी मांग, समस्या या मुद्दे को लेकर कलक्ट्रेट परिसर में धरना-प्रदर्शन नहीं किया जा सकेगा। उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में जिला प्रशासन ने कलक्ट्रेट परिसर के 100 मीटर क्षेत्र को निषिद्ध क्षेत्र घोषित कर दिया है। इस फैसले के बाद नागरिकों, संगठनों व राजनीतिक दलों की कलक्ट्रेट में धरना-प्रदर्शन के लिए एंट्री पूरी तरह बंद कर दी गई है।
कलक्ट्रेट के मुख्य द्वार पर इस संबंध में नोटिस चस्पा किया गया है। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि ध्वनि प्रदूषण अधिनियम 2000 की धारा 3 से 5 के तहत न्यायालय परिसर, अस्पताल, शैक्षिक संस्थान सहित संवेदनशील स्थलों के 100 मीटर दायरे में ध्वनि प्रदूषक यंत्रों का प्रयोग प्रतिबंधित है। इसी क्रम में इन क्षेत्रों में धरना-प्रदर्शन, रैली, जुलूस, गिरफ्तारी व राजनीतिक आंदोलन पर भी रोक लगाई गई है। प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था के तहत सभी प्रकार के धरना-प्रदर्शन और आंदोलनों के लिए भैरवा स्थित पार्किंग स्थल को अधिसूचित किया है। एसडीएम अनुराग आर्य ने बताया कि कलक्ट्रेट, न्यायालय, अस्पताल और शिक्षण संस्थानों के 100 मीटर के दायरे में अब किसी भी प्रकार की राजनीतिक गतिविधि या विरोध प्रदर्शन नहीं हो सकेगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की


