चम्पावत कथित दुष्कर्म प्रकरण: मेडिकल रिपोर्ट के बाद बदला घटनाक्रम, पुलिस प्रेस वार्ता में नाबालिक के साथ नहीं हुआ दुष्कर्म ,कोतवाली में कांग्रेस का धरना।

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फोटो – कोतवाली परिसर में कथित दुष्कर्म प्रकरण को लेकर धरना प्रदर्शन करते कांग्रेस कार्यकर्ता।

 

चम्पावत। जनपद में नाबालिग बालिका के साथ कथित दुष्कर्म के मामले को लेकर बुधवार नगर में चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। लोग पीड़िता की मेडिकल रिपोर्ट और पुलिस खुलासे का इंतजार करते रहे। शाम करीब 6:15 बजे पुलिस अधीक्षक ने पत्रकार वार्ता कर पूरे मामले का खुलासा किया। एसपी ने बताया कि मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार बालिका के साथ किसी प्रकार की जबरदस्ती या दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस द्वारा हर एंगल से जांच की गई और मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज बयान में भी बालिका ने लगाए गए आरोपों का स्वयं खंडन किया है। पत्रकार वार्ता में मौजूद सीएमओ डॉ देवेश चौहान ने भी इस बात की पुष्टि की की चिकित्सा परिक्षण में ऐसी घटना नहीं हुई है जो कहीं जा रही है।

पुलिस अधीक्षक ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने स्वयं जांच की मॉनिटरिंग की। 10 सदस्यीय टीम गठित की गई तथा उधम सिंह नगर से विशेष एफएसएल टीम भी बुलाई गई। जांच में सामने आया कि बालिका अपने एक दोस्त के साथ शादी समारोह में गई थी।

एसपी के अनुसार मामले को तूल देने वाले कमल रावत और उसकी टीम की भूमिका भी जांच के दायरे में आई। पुलिस को पीड़िता और उसकी सहेली के बीच संवाद कराने तथा पूरे घटनाक्रम को हवा देने के संकेत मिले हैं। वहीं जिन युवकों पर आरोप लगाए गए थे, उनकी घटनास्थल पर मौजूदगी के साक्ष्य नहीं मिले।

उन्होंने कहा कि पुलिस हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही थी ताकि जल्दबाजी में कोई निर्दोष न फंस जाए।

इधर, दिन में जब पुलिस पीड़िता और उसके पिता को पूछताछ के लिए कोतवाली लाई, तब कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कोतवाली परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं ने घटना की निंदा करते हुए दोषियों की गिरफ्तारी की मांग उठाई। लगभग एक घंटे तक चले धरने में महिला कांग्रेस की प्रांतीय अध्यक्ष ज्योति गैरोला, पूर्व विधायक हिमेश खर्कवाल, पूर्व दर्जा राज्यमंत्री निर्मला गहतोड़ी, वरिष्ठ नेत्री विमल सजवाण, कांग्रेस जिलाध्यक्ष चिराग फर्त्याल, पूर्व अध्यक्ष पूरन कठायत, उमेश शर्मा समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। बाद में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा कार्यालय की ओर बढ़कर सरकार का पुतला फूंकने का प्रयास किया, जहां भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि पूरे मामले को राजनीतिक रंग देकर मॉडल जिले चम्पावत की छवि खराब करने का प्रयास किया गया है।

 

 

 

 

 

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