

फोटो – शारदा नदी में डूबने से बचाए गए युवक, जल पुलिस के गोताखोरों के साथ।
टनकपुर/चंपावत। आस्था के महाकुंभ पूर्णागिरि मेले में इन दिनों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की आमद के बीच प्रशासन भी व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने में जुटा हुआ है। मेला क्षेत्र में विशेष स्वच्छता अभियान चलाकर पूरे क्षेत्र को चमका दिया गया है, साथ ही तीर्थ यात्रियों से कूड़ेदान का ही उपयोग करने की अपील की जा रही है।
मेला मजिस्ट्रेट डॉ. ललित मोहन तिवारी के नेतृत्व में सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय और संवाद स्थापित होने से व्यवस्थाएं चुस्त-दुरुस्त नजर आ रही हैं। सुरक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और यातायात सहित सभी व्यवस्थाओं पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
इसी बीच मौसम के मिजाज में आए बदलाव ने भी तीर्थ यात्रियों की परीक्षा लेनी शुरू कर दी है। सुबह-शाम ठंड बढ़ने और चढ़ाई मार्ग पर नमी के कारण श्रद्धालुओं को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद आस्था के आगे हर चुनौती छोटी साबित हो रही है और भक्त माता पूर्णागिरि के दर्शन के लिए लगातार आगे बढ़ रहे हैं।
मेले में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के अलावा दिल्ली सहित देश के कई हिस्सों से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। वहीं पड़ोसी देश नेपाल से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आगमन जारी है, जिससे मेला क्षेत्र पूरी तरह भक्तिमय माहौल में डूबा हुआ है।
इस बीच शारदा घाट पर एक बड़ा हादसा टल गया, जब स्नान के दौरान तीन युवक गहरे पानी में डूबने लगे। मौके पर तैनात जल पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया। बचाए गए युवकों में औरंगाबाद (बरेली) निवासी शिवम पुत्र प्रेम शंकर, काजल उपाध्याय और सोना पुत्र संदीप शामिल हैं।
रेस्क्यू ऑपरेशन में जल पुलिस के जवान रविंद्र कुमार उर्फ ‘पहलवान’, पीआरडी स्वयंसेवक सूरज शर्मा और मुकेश राणा की अहम भूमिका रही। उनकी सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया। उल्लेखनीय है कि ‘पहलवान’ के नाम से मशहूर रविंद्र कुमार अब तक सैकड़ों लोगों की जान बचाकर मिसाल पेश कर चुके हैं।


