भीषण गर्मी से राहत पाने मां पूर्णागिरि की शरण में उमड़ रहे श्रद्धालु, उत्तर भारत के प्रसिद्ध पूर्णागिरि मेले में बढ़ी रौनक, एक दिन में 25 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

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फोटो: मैदानी क्षेत्रों से जत्थों में पहुंचते श्रद्धालु, मां पूर्णागिरि के जयकारों से गूंजा मेला क्षेत्र।

 

 

टनकपुर-चंपावत। उत्तर भारत के प्रसिद्ध पूर्णागिरि मंदिर मेले में इन दिनों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। मैदानी क्षेत्रों में पड़ रही झुलसाने वाली गर्मी से राहत पाने के लिए बड़ी संख्या में लोग मां पूर्णागिरि की शरण में पहुंच रहे हैं। पहाड़ की ठंडी हवाओं और धार्मिक आस्था के संगम से श्रद्धालुओं को यहां विशेष सुकून महसूस हो रहा है। पिछले कई दिनों से मेले में तीर्थयात्रियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों से श्रद्धालु बड़े-बड़े जत्थों में “जय मां पूर्णागिरि” के जयकारे लगाते हुए कठिन चढ़ाई और तेज धूप की परवाह किए बिना मां के दरबार तक पहुंच रहे हैं।

हालांकि बृहस्पतिवार को सामान्य दिनों की अपेक्षा भीड़ कम मानी जाती है, इसके बावजूद गुरुवार को भी 25 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने मां पूर्णागिरि के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। मेले में शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय देखने को मिल रहा है। जिला मजिस्ट्रेट डॉ. ललित मोहन तिवारी द्वारा स्थानीय समस्याओं एवं विवादों का मौके पर ही समाधान किए जाने से श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को काफी राहत मिल रही है।

मेला क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था भी सुचारु रूप से संचालित की जा रही है। पूर्णागिरि क्षेत्र से एकत्र कूड़े को निर्धारित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है, जहां टनकपुर नगर पालिका का कूड़ा निस्तारण किया जाता है। वहीं बूम और बरला क्षेत्र में पुलिस का व्यापक बंदोबस्त किया गया है।

श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए विभिन्न स्थानों पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा केंद्र स्थापित किए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत उपचार उपलब्ध कराया जा सके। इधर, शारदा घाट में जल पुलिस की सतर्कता लगातार लोगों की जान बचाने में अहम भूमिका निभा रही है। भीषण गर्मी के चलते युवा शारदा नदी की गहराई की परवाह किए बिना नदी में उतर रहे हैं, जिससे जल पुलिस को उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है।

 

 

 

 

 

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