

फोटो – बिल्दे गांव में मां ज्वाला देवी मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा के शुभारंभ पर निकाली गई भव्य कलश यात्रा में शामिल श्रद्धालु।
नेपाल सीमा से लगे गांव में पंचेश्वर से निकली भव्य कलश यात्रा, देशभर से पहुंचे देवलिया पांडे परिवार के सदस्य; पांच दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान शुरू।
चम्पावत। नेपाल सीमा से लगे चम्पावत जिले के बिल्दे गांव में देवलिया पांडे परिवार द्वारा नवनिर्मित मां ज्वाला देवी मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा एवं पांच दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान का रविवार को भव्य शुभारंभ हुआ। इस ऐतिहासिक आयोजन में परिवार की सात पीढ़ियों से जुड़े सदस्य देश के विभिन्न राज्यों से अपने पैतृक गांव पहुंचे और सामूहिक रूप से धार्मिक अनुष्ठान में सहभागिता निभाई।
धार्मिक कार्यक्रम की शुरुआत पंचेश्वर में पांच पवित्र नदियों के संगम पर स्नान और भगवान शिव के दर्शन-पूजन से हुई। इसके बाद पारंपरिक वेशभूषा में महिलाओं ने मंगल गीतों के बीच भव्य कलश यात्रा निकाली, जिसने पूरे गांव की परिक्रमा कर मंदिर परिसर में प्रवेश किया। भक्तिमय माहौल और जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। बताया गया कि परिवार के इष्ट देवी-देवता की प्रेरणा के बाद अपनी पैतृक भूमि पर मां ज्वाला देवी का भव्य मंदिर बनाया गया है। मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच प्राण-प्रतिष्ठा के धार्मिक अनुष्ठान प्रारंभ हो गए हैं। अनुष्ठान का संचालन आचार्य विजय पाण्डेय एवं कुलपुरोहित पंडित प्रकाश कुलेठा, पंडित कमल कुलेठा और पंडित कौशल कुलेठा द्वारा कराया जा रहा है।
इस अवसर पर प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता सतीश चंद्र पाण्डेय ने कार्यक्रम में शामिल होकर देवलिया पांडे परिवार और समस्त ग्रामवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि अपनी संस्कृति, परंपरा और आस्था से जुड़ना समाज को नई दिशा देने का कार्य करता है तथा ऐसे आयोजन सामाजिक एकता को भी मजबूत बनाते हैं।


