

फोटो_जीआईसी मैदान में युवाओं को प्रशिक्षण देते पूर्व एनएसजी कमांडो मनोज सिंह कणकरायत।
छह साल से जीआईसी मैदान में नि:शुल्क प्रशिक्षण, सैकड़ों युवाओं को सेना, पुलिस और अर्धसैनिक बलों में पहुंचाया।
लोहाघाट। एक तरफ नशे की गिरफ्त में फंसकर युवा अपनी जवानी और परिवारों का भविष्य बर्बाद कर रहे हैं, वहीं लोहाघाट में एक पूर्व एनएसजी कमांडो युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा देने में जुटा है। 19 कुमाऊं से सेवानिवृत्त एनएसजी कमांडो मनोज सिंह कणकरायत पिछले छह वर्षों से जीआईसी मैदान में युवाओं को नि:शुल्क प्रशिक्षण दे रहे हैं। उनका जुनून है कि क्षेत्र का युवा नशे की ओर नहीं, वर्दी की ओर कदम बढ़ाए।
42 वर्षीय मनोज मूल रूप से कणकरायत गांव के रहने वाले हैं और वर्तमान में प्रेमनगर में रहते हैं। सेना से सेवानिवृत्ति के बाद वह नियमित अभ्यास के लिए जीआईसी मैदान पहुंचते थे। मैदान में उनके अभ्यास और फिटनेस को देखकर युवक-युवतियां उनसे प्रशिक्षण लेने लगे। शुरुआत में कुछ युवाओं से शुरू हुआ यह सिलसिला आज सैकड़ों युवाओं तक पहुंच चुका है।
हर सुबह जीआईसी मैदान में युवाओं के साथ मनोज खुद भी पसीना बहाते नजर आते हैं। दौड़, शारीरिक दक्षता और अनुशासन के साथ वह युवाओं को भर्ती की तैयारी कराते हैं। उनके प्रशिक्षण से कई युवा सेना, अर्धसैनिक बल, पुलिस और होमगार्ड में चयनित हो चुके हैं।
मनोज के लिए इस काम का सबसे बड़ा पुरस्कार पैसा नहीं, बल्कि भर्ती होने के बाद छुट्टी पर आया जवान है। जब कोई युवा वर्दी पहनकर पहली बार उनसे मिलने पहुंचता है तो उसके चेहरे की खुशी मनोज की छह साल की मेहनत की गवाही देती है। वह कहते हैं कि सेना में रहते हुए देश के लिए सेवा की, अब युवाओं को सही दिशा देकर समाज के लिए काम करना ही उनका लक्ष्य है।
नशे के बढ़ते प्रभाव के बीच मनोज का यह अभियान युवाओं को नई राह दिखा रहा है। मैदान में पसीना बहाकर वर्दी का सपना पूरा करने वाले युवाओं की बढ़ती संख्या इस प्रयास की तस्वीर खुद बयां कर रही है।



