

फोटो_ देवीधार महोत्सव का शुभारंभ करते विधायक खुशाल सिंह अधिकारी एवं अन्य।
26 साल पहले शुरू हुआ देवी महोत्सव आज बना क्षेत्र की पहचान, प्रवासियों की भी गांवों में वापसी।
लोहाघाट। देवीधार में 27वें देवी महोत्सव का शुभारंभ क्षेत्रीय विधायक खुशाल सिंह अधिकारी ने किया। उन्होंने क्षेत्रवासियों को महोत्सव की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि रायनगर चौड़ी, डैंसली, कलीगांव और गोरखा नगर के ग्रामीणों ने 26 वर्ष पूर्व जिस महोत्सव की शुरुआत की थी, वह आज वृहद रूप ले चुका है। उन्होंने महोत्सव के सफल आयोजन के लिए ग्रामीणों और आयोजन समिति को बधाई दी। विधायक ने कहा कि इस तरह के आयोजन लोगों को आपस में जोड़ने के साथ ही सामाजिक एकता और भाईचारे को मजबूत करते हैं। साथ ही बच्चों और युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर भी मिलता है।
महोत्सव के शुभारंभ से पूर्व डैंसली, कलीगांव, रायनगर चौड़ी और गोरखा नगर के ग्रामीणों ने भव्य भाव कलश यात्रा निकाली। पारंपरिक पर्वतीय परिधानों में सजी महिलाओं ने मां भगवती के जयकारों के साथ मंदिर परिसर पहुंचकर पूजा-अर्चना की। श्रद्धालुओं ने मंदिर की परिक्रमा करने के बाद महाकाली और बजरंगबली मंदिर में भी पूजा कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
महोत्सव समिति के अध्यक्ष जीवन मेहता की अध्यक्षता और राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षक नरेश राय के संचालन में आयोजित कार्यक्रम में समिति की ओर से प्रकाश राय, शिवराज सिंह, भैरव राय, शेखर गोरखा, रमेश बिष्ट समेत अन्य लोगों ने मुख्य अतिथि विधायक खुशाल सिंह अधिकारी और उनके साथ पहुंचे चांद बोरा व डॉ. अमर सिंह कोटियाल का स्वागत किया। अतिथियों का बैज अलंकरण कर सम्मान किया गया। इस दौरान कुमाऊं की संस्कृति और शौर्य का प्रतीक छोलिया नृत्य आकर्षण का केंद्र रहा। महोत्सव को लेकर ग्रामीणों में खासा उत्साह है। मुंबई, दिल्ली और राजस्थान समेत अन्य स्थानों में रहने वाले प्रवासी ग्रामीण भी अपने ईष्ट देवता के पूजन और महोत्सव में शामिल होने के लिए गांव पहुंच रहे हैं। रायनगर चौड़ी के अलावा टनकपुर, सैलानीगोठ और अन्य क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग अपने पैतृक गांवों की ओर लौट रहे हैं। प्रवासियों की वापसी से गांवों में रौनक बढ़ गई है।


