

फोटो_ वन दरोगा से मारपीट के विरोध में चंपावत के मंथन सभागार में बैठक कर आंदोलन की रणनीति तय करते वन विभाग के विभिन्न संवर्गों के पदाधिकारी और कर्मचारी।
चंपावत। देवीधूरा वन क्षेत्र में गश्त के दौरान वन दरोगा पवन सिंह माहरा के साथ मारपीट और उनका मोबाइल झपटकर ले जाने की घटना ने वन विभाग के कर्मचारियों में आक्रोश की चिंगारी भड़का दी है। घटना के 48 घंटे से अधिक समय बाद भी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी और लूटा गया मोबाइल बरामद नहीं होने से नाराज वनकर्मियों ने अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। वनकर्मियों ने पुलिस-प्रशासन को तीन दिन का अल्टीमेटम देते हुए साफ चेतावनी दी है कि आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो सभी संवर्गों के कर्मचारी थाना पाटी में धरना-प्रदर्शन शुरू कर चरणबद्ध आंदोलन करेंगे।
शनिवार को सहायक वन कर्मचारी संघ जनपद शाखा चंपावत के आह्वान पर प्रभागीय वनाधिकारी कार्यालय के मंथन सभागार में विभिन्न वन संवर्गों के पदाधिकारियों और कर्मचारियों की बैठक हुई। बैठक में 22 जुलाई को देवीधूरा वन क्षेत्र में विभागीय गश्त के दौरान वन दरोगा पवन सिंह माहरा के साथ हुई मारपीट की घटना की कड़े शब्दों में निंदा की गई।
कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि वन दरोगा के विभागीय वाहन को घेरकर जबरन रोका गया और उनके साथ इरादतन मारपीट की गई। इस दौरान उनका सैमसंग गैलेक्सी एस-23 मोबाइल भी झपटकर ले जाया गया, जो अब तक बरामद नहीं हुआ है। मामले में थाना पाटी में एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है, लेकिन 48 घंटे से अधिक समय बीतने के बाद भी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर कर्मचारियों का गुस्सा खुलकर सामने आया।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि यदि वनकर्मी ही अपने कार्यक्षेत्र में सुरक्षित नहीं हैं तो वे किस मनोबल के साथ विभागीय दायित्वों का निर्वहन करेंगे। वनकर्मियों पर हमले की घटनाओं में त्वरित और सख्त कार्रवाई नहीं होने से कर्मचारियों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई कर वनकर्मियों का मनोबल मजबूत किया जाना जरूरी है।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि तीन दिन के भीतर नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो सभी घटक संघों के पदाधिकारी और सदस्य संयुक्त रूप से थाना पाटी पहुंचेंगे और चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेंगे। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि मांग पूरी होने तक आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा।
बैठक की अध्यक्षता सहायक वन कर्मचारी संघ चंपावत के अध्यक्ष रेवाधर जोशी ने की, जबकि संचालन महामंत्री मोहन पाण्डेय ने किया। इस दौरान वन क्षेत्राधिकारी संघ, उप वन क्षेत्राधिकारी संघ, वन बीट अधिकारी संघ, फॉरेस्ट मिनिस्ट्रीयल संघ और चतुर्थ श्रेणी संघ समेत चंपावत वन प्रभाग के विभिन्न संवर्गों के पदाधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। बूम, दोगाड़ी, चंपावत, देवीधूरा, लोहाघाट, भिंगराड़ा और काली कुमाऊं वन क्षेत्रों के कर्मचारियों ने बैठक में सहभागिता की। आंदोलन को व्यापक समर्थन देने के लिए विभिन्न घटक संघों से भी दूरभाष के माध्यम से अपील की गई।


