

नैनीताल। डीएम ललित मोहन रयाल के निर्देश पर एसडीएम के नेतृत्व में गठित टीमों और पर्यटन विभाग ने होम स्टे का औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान विभिन्न होम स्टे संचालकों की ओर से नियमावली के प्रावधानों का उल्लंघन पाया गया। तब 580 इकाइयों को नोटिस जारी किए गए थे। प्रशासन ने पूर्व में 55 और बुधवार तक 36 अन्य इकाइयों सहित कुल 91 होम स्टे संचालकों पर अर्थदंड लगाया। नोटिसों के जवाब में संतोषजनक स्पष्टीकरण न मिलने पर पंजीकरण निरस्त किए गए। इनमें पूर्व की 150 और बुधवार तक की 88 अन्य होम स्टे इकाइयां शामिल हैं।
प्रशासन के अनुसार, पंजीकरण रद्द करने के कई प्रमुख कारण थे। इनमें होम स्टे स्वामी का इकाई में निवासरत न होना और पार्किंग सुविधा का अभाव शामिल है। कुछ होम स्टे को होटल, कैफे या रेस्टोरेंट के रूप में चलाया जा रहा था।
पर्यटन विभाग में नहीं मिला होटलों का पंजीकरण, चार प्रतिष्ठानों का चालान
हल्द्वानी। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के निर्देश पर बुधवार को राजस्व, दमकल, पर्यटन और पुलिस विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीम ने हल्द्वानी व काठगोदाम में स्थित होटल और गेस्ट हाउसों में जनसुरक्षा और अग्नि सुरक्षा मानकों की जांच की। इस दौरान होटलों का पर्यटन विभाग में पंजीकरण नहीं होने के साथ सुरक्षा मानक भी पूरे नहीं मिले। इस पर होटलों का चालान किया गया।
जांच टीम ने नैनीताल रोड पर होटल कुटुंब, होटल इंपिरियो, होटल रेडियम और काठगोदाम में एनजेड गेस्ट हाउस का निरीक्षण किया। टीम ने उक्त प्रतिष्ठानों में अग्निशमन विभाग की ओर से जारी अनापत्ति प्रमाण पत्र, अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता एवं कार्यशीलता, आपातकालीन निकास मार्ग, विद्युत सुरक्षा व्यवस्था, जल भंडारण एवं अग्निशमन के लिए जल उपलब्धता, पार्किंग व अन्य सुरक्षा मानकों को देखा। एसडीएम मोनिका ने बताया कि निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा संबंधी कमियां एवं अभिलेखीय त्रुटियां पाई गई जिस पर उनका मौके पर ही चालान किया गया। उन्होंने बताया कि उक्त होटलों का पर्यटन विभाग में पंजीकरण भी नहीं मिला।


