चम्पावत में नई डिजिटल खाद नीति लागू, ऐप से मिलेगा खाद का क्यूआर कोड, पारदर्शी व्यवस्था से दूर हुआ भ्रम, पर्याप्त खाद स्टॉक होने का प्रशासन का दावा

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फोटो नई डिजिटल व्यवस्था के तहत सहकारी समिति से क्यूआर कोड की जानकारी देते अधिकारी।

 

चम्पावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन के अनुरूप डिजिटल इंडिया अभियान के तहत चम्पावत को पायलट जनपद के रूप में चयनित करते हुए खाद वितरण की नई ऐप आधारित डिजिटल व्यवस्था लागू की गई है। ‘फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल’ के माध्यम से अब किसानों को पारदर्शी और सुगम तरीके से खाद उपलब्ध कराई जाएगी।

मुख्य कृषि अधिकारी धनपत कुमार ने बताया कि किसान अब घर बैठे ऐप के जरिए खाद की मांग दर्ज कर सकेंगे। आवेदन के बाद जनरेट होने वाले क्यूआर कोड को सहकारी समिति में दिखाकर आसानी से खाद प्राप्त की जा सकेगी। भूमिधारक किसानों के साथ-साथ पट्टे या अन्य की भूमि पर खेती करने वाले किसान भी इस सुविधा का लाभ ले सकेंगे।

एआर सहकारिता प्रेम प्रकाश ने बताया कि समिति के पंजीकृत सदस्य किसान नगद या उधार दोनों माध्यमों से खाद ले सकते हैं, जबकि गैर-पंजीकृत किसानों को नगद भुगतान पर खाद उपलब्ध कराई जाएगी। वृद्ध और असमर्थ किसानों के लिए परिवार का कोई सदस्य या अधिकृत व्यक्ति भी किसान का पहचान विवरण और खसरा नंबर दर्ज कर क्यूआर कोड के माध्यम से खाद प्राप्त कर सकेगा। नई व्यवस्था के तहत प्रति हेक्टेयर भूमि पर 7 बोरी यूरिया तथा 4 बोरी डीएपी या एनपीके उपलब्ध कराने का मानक निर्धारित किया गया है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनपद में खाद की कोई कमी नहीं है। टनकपुर, बनबसा, चम्पावत और लोहाघाट सहित सभी क्षेत्रों में किसानों की मांग के अनुरूप यूरिया और डीएपी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। प्रशासन ने किसानों से अफवाहों पर ध्यान न देने और नई डिजिटल व्यवस्था का लाभ उठाने की अपील की है।

 

 

 

 

 

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