राम मंदिर और बदरी-केदार मंदिरों में कथित चोरी को लेकर कांग्रेस ने किया पुतला दहन, केंद्र और राज्य सरकार पर लगायें कई आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग

Spread the love

 

 

कालाढूंगी में पुतला दहन कर कांग्रेस ने उठाए सवाल, धार्मिक संस्थानों की पारदर्शिता को बताया आस्था का विषय

कालाढूंगी/हल्द्वानी, 8 जुलाई। उत्तराखंड की राजनीति में धार्मिक संस्थानों से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के मुद्दे पर सियासत तेज होती दिखाई दे रही है। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी कालाढूंगी-हल्द्वानी ने बुधवार को हल्द्वानी के पीली कोठी चौराहे पर राम मंदिर में हुई कथित चोरी और बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिरों में कथित चंदा चोरी एवं अनियमितताओं के विरोध में राज्य सरकार का पुतला दहन कर प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने पूरे मामले की निष्पक्ष एवं न्यायिक जांच कराने की मांग उठाई।

 

ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष किरण सिंह माहरा ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड के प्रमुख धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों में पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उनका कहना था कि यदि मंदिरों के दान और प्रबंधन को लेकर किसी भी प्रकार के आरोप सामने आते हैं तो सरकार को निष्पक्ष जांच कर सच्चाई जनता के सामने लानी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।

वहीं पूर्व ब्लाक प्रमुख भोला दत्त भट्ट और कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता नीरज तिवारी का कहना है कि राम मंदिर चोरी में बड़े नाम भी है जिन्हें सरकार बचाने का काम कर रही है उनका कहना है कि इसका असर पूरे देश में पड़ा है और विधानसभा चुनाव 2027 और 2029 में इसका जवाब भाजपा को मिलने वाला है

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि धार्मिक संस्थानों की विश्वसनीयता और श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती। पार्टी ने कहा कि वह इस मुद्दे को जनहित और जनभावनाओं से जुड़ा विषय मानते हुए आगे भी आवाज उठाती रहेगी।

उत्तराखंड में बद्रीनाथ और केदारनाथ जैसे मंदिर केवल धार्मिक आस्था के केंद्र ही नहीं, बल्कि राज्य की सांस्कृतिक पहचान और पर्यटन अर्थव्यवस्था के भी प्रमुख आधार हैं। ऐसे में मंदिरों के दान और प्रबंधन से जुड़े किसी भी कथित विवाद का राजनीतिक प्रभाव व्यापक हो सकता है। कांग्रेस इस मुद्दे के जरिए सरकार को जवाबदेही के सवाल पर घेरने की कोशिश कर रही है, जबकि सत्तापक्ष के लिए यह चुनौती होगी कि वह तथ्यों और जांच के आधार पर विपक्ष के आरोपों का जवाब दे।

हालांकि, अब तक इन आरोपों पर संबंधित जांच एजेंसियों की अंतिम रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं हुई है। इसलिए आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि यह मुद्दा आगे बढ़ता है तो आने वाले समय में यह प्रदेश की राजनीति का महत्वपूर्ण विषय बन सकता है। क्योंकि मंदिरों से चोरी आस्था का प्रतीक है और विधानसभा चुनाव 2027 बेहद नजदीक है और कांग्रेस तमाम विषयों को लेकर जनता के बीच में जाएगी।

प्रदर्शन में पूर्व ब्लॉक प्रमुख भोला भट्ट, प्रदेश महासचिव नीरज तिवारी, जया कर्नाटक, भागीरथी बिष्ट, कुंदन नेगी, योगेश जोशी, हिमांशु जोशी, महेश काण्डपाल, गोपाल बिष्ट, रेनू तोमर, कौशलेंद्र भट्ट, हरभजन सिंह सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *